Tuesday, June 2, 2026

सरगोश फिजां के सारे नजारे तेरे ( गजल)

सरगोश फिजां के सारे नजारे तेरे  ( गजल)
++++++++++++++++++++++++++

आई थी गुल्शन से तेरी खुशबू मुझे पुकारने/
आँचल में थे तेरे, मेरे लिए सैकड़ों अफसाने/

मेरी आरजुओं की फेहरिस्त कोई लंबी न थी,
चाहे थे चंद प्यार भरे अल्फाज, चंद मुस्कराहटें/

आँखों में शबनम की लड़ी, दिल में प्यार का सागर,
तुझसे चंद मुलाकातों में दिल सुनाने लगा नगमें/

जनम-जनम का साथ था, शायद हमारा तुम्हारा,
तुम मुझे मिले थे, आँखों के कोरों में भरकर इशारे/

तमन्ना भी तेरी नथ डोलती रहे यूँ ही हमेशा-हमेशा,
अँधेरी काली रातों में चमकते रहें उसके नगीने/

हम तेरी मुहब्बत का, जानते हैं, पार पा न पाएँगे,
तेरे दिल में सैकड़ों अफसाने, मेरे बस चंद इरादे/

लहरों से नैया हिचकोले खाए, बिन साथ तुम्हारे,
तुम्हीं नाखुदा हो, तुम्हीं खिवैय्या, कश्ती तेरे हवाले/

आना हो तो आ जाना , चप्पू सँभालते- सँभालते भी,
हम तेरे इंतजार में पलकें बिछाए, तुझे ही पुकारें/

जीवन के सफर में मिले हो हमसफर बन कर,
सुन चंदा! हर तरफ तेरी चाँदनी, सितारों के सहारे/

" रतन" की आरजू है, हम तुम बस गलबहियां मिलें,
बाकी बचे सरगोश फिजां के ये सारे नजारे तेरे//

            राजीव रत्नेश
       """""""""""""""""

इतना लचीलापन छिपा तेरी इक-इक अदा में है,
कि तरन्नुम में तुझे ढ़ाल सकता हूँ/
तू मेरी बाहों के घेरे में आजा बस इक बार ही,
बेसब्री में मैं चूम तेरा गाल सकता हूँ//

           राजीव रत्नेश
       """"""""""""""""

No comments:

About Me

My photo
ROM ROM SE KARUNAMAY, ADHARO PE MRIDU HAAS LIYE, VAANI SE JISKI BAHTI NIRJHARI, SAMARPIT "RATAN" K PRAAN USEY !!!