Wednesday, August 12, 2026

कभी की मुहब्बत थी उससे, तभी तो

मैंने तो उसे अपने कदमों से उठा के सीने से लगाया था,
सिर्फ इतना ही कह पाया था कि उसकी जगह तो मेरे
दिल में है/
और कहा उसने भी, मैं तो बस तुम्हारे कदमों की खाक
ही हूँ,
अपने माथे पर मुझे चंदन की तरह न लगाओ/
एक बार ही टूट चुकी हूँ, दुबारा बिखर जाऊँगी,
मुझे सिर्फ आगोश में ही रख लो, सर पे न बिठाओ//

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ROM ROM SE KARUNAMAY, ADHARO PE MRIDU HAAS LIYE, VAANI SE JISKI BAHTI NIRJHARI, SAMARPIT "RATAN" K PRAAN USEY !!!