Sunday, March 9, 2025

PYAR KEE MANJIL HOTEE HAI.

अब तुम मेरे पास ही रहना ,देखा -देखी ही प्यार की मंजिल होती है ,

हम -तुम मिल जायेंगे तो ,एक अलग दुनिया तामील होती है। 

निशाना नज़रों का चला तो सीधे दिल पे आया ,

दिल को बड़ी तस्कीन होती है। 

आ जाओ मेरे दिल के पास ,पास आने से ,

मिलन तक़सीम होती है। 

मेरे पास आओ ,मंज़िल यूँ हर तरह नदीम होती  है ,

तुम करीब आओ न आओ ,मंज़िल मेरे नज़दीक होती है। 

मेरे अफ़साने में गैर कोई आएगा नहीं ,

तुम्हीं से खुदा -हाफीज़ होती है। 

तेरी इज़्ज़तो -आफ़ताब का दिल से शुक्रिया अदा करते हैं ,

अब कहीं और न जाओ ,रिश्ता -ए मोह्हबत दिल से तक़लीम होती है। 

पास आ जाओ अब तो 'रतन 'देखा -देखी ही प्यार की मंजिल होती है। 

        -------राजीव रत्नेश ---------- 

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