Thursday, April 16, 2026

अपनी जुल्फ की भी( रुबाई)

अपनी जुल्क की भीनी खुशबुओं में चंद पल रह लेने दो
मदमाती मस्त बयार के मौसम में मुझे अपने दिल में रह लेने दो
इक जाम की ललक है तेरे प्यासे होठों से, जिन्दगी नयी दे दो
दिल दरिया है तेरा, सीने से एक और चश्मा फूट निकलने दो //

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ROM ROM SE KARUNAMAY, ADHARO PE MRIDU HAAS LIYE, VAANI SE JISKI BAHTI NIRJHARI, SAMARPIT "RATAN" K PRAAN USEY !!!