Thursday, April 16, 2026

मेरी गजल को अपना( रुबाई)

कारवां बचा लाए सहरा में हम रहजनों से
नाकामियों का गुबार फैलाया रहबरों ने
बड़ी मुश्किलों में जान आ फँसी थी मेरी
मेरी गजल को अपना दर्द समझा दिलजलों ने

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ROM ROM SE KARUNAMAY, ADHARO PE MRIDU HAAS LIYE, VAANI SE JISKI BAHTI NIRJHARI, SAMARPIT "RATAN" K PRAAN USEY !!!