कारवां बचा लाए सहरा में हम रहजनों से
नाकामियों का गुबार फैलाया रहबरों ने
बड़ी मुश्किलों में जान आ फँसी थी मेरी
मेरी गजल को अपना दर्द समझा दिलजलों ने
" मेरी rachnaaye हैं सिर्फ अभिव्यक्ति का maadhyam , 'एक कहानी samjhe बनना फिर जीवन कश्मीर महाभारत ! "
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