चाल चलने में औरतों का जवाब नहीं होता,
यह जमाना कभी किसी का मोहताज नहीं होता/
एक प्यादा भी चलता सीधा पर मारता टेढ़ा है,
अदा- ओ- नाज उनका शतरंज की बिसात नहीं होता/
" मेरी rachnaaye हैं सिर्फ अभिव्यक्ति का maadhyam , 'एक कहानी samjhe बनना फिर जीवन कश्मीर महाभारत ! "
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