Saturday, July 11, 2026

शेर ( तेरी गलियों में )

तेरी गलियों में फिरते हैं आवारों की तरह
मिल जाओ तुम हमसे गुब्बारों की तरह /

       राजीव रत्नेश

No comments:

About Me

My photo
ROM ROM SE KARUNAMAY, ADHARO PE MRIDU HAAS LIYE, VAANI SE JISKI BAHTI NIRJHARI, SAMARPIT "RATAN" K PRAAN USEY !!!