Monday, February 17, 2025

TUM MAUKA TO NIKALO .

तुम चाँद हो ,बाकी सब सितारे ,तुम चाहो तो भोरे में आ जाओ ,

आ जाओ करीब ,सुबह -सुबह सैरे -गुलशन को चलें। 

शोर न करो ,निशाना चूका है तुम्हारा ,हमको आजमाओ तो चलें ,

दूर न जाओ हमसे ,निशाना फिर से हमें बनाओ तो चलें। 

आ कर के फिज़ा की मनहूसियत मिटाओ तो चलें ,

हमें तुम्हीं से निस्बत है ,निशाना नज़रों का चलाओ तो चलें। 

पास मेरे आकर भी ,तुम सहमी -सहमी रहती हो ,

पुकारो दिल से हमें ,दो कदम साथ -साथ तो चलें। 

सूरज की पहली रश्मि के साथ गुनगुनाओ तो चलें,

पास आकर बैठो ,मोह्हबत को खेल न समझो तो चलें। 

तुम 'रतन 'के पास ,ख्वाबों में ही तो आती हो,

दीवाना हम भी बन जायेंगे ,तुम मौका तो निकालो। 

----------राजीव रत्नेश ----------------- 

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