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तेरी शरबती इन आँखों का दीदार,
बना देती है प्यार को व्यापार,
नदी किनारे विजन दुकूल में,
मस्ती भरे पैगाम, प्यार के अहसास/
बादलों का समां दिलफरेब सा है,
मौसम कुछ- कुछ अजीब सा है,
तुम क्या जानो, बहारों का शिकवा है,
समझ लो मामला कुछ संगीन सा है/
उठा रहा हृदय में तमाम अहसास,
तेरी शरबती इन आँखों का दीदार/
बदलता रहता है मौसम ये,
उफनता रहता है जीवन ये,
हर साँस में प्रिये तरंगित है,
मेरा छोटा सा मधुबन ये/
दिल में अगन लगाती है बरसात,
तेरी शरबती इन आँखों का दीदार/
बरसती है दिल पे सावन की लहरियाँ,
कटती है तेरी याद में ये उमरिया,
मूक निमंत्रण देती है तेरी कजरिया,
रोक के मुझे बीच डगरिया/
मेरे लिए जगजाहिर, तुम्हारे लिए राज,
तेरी शरबती इन आँखों का दीदार/
कुछ- कुछ काँटा सा चुभता है कभी,
अश्क भी मेरा मोती बनता है कभी,
तेरी यादों के वीराने में करवटें बदलता हूँ,
फूल तेरी यादों के चुनता हूँ कभी/
आकर एक बार दिल में, दिला दो एतबार,
करा कर अपनी शरबती आँखों का दीदार//
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बरसात की पहली बौछार बन कर,
खुशी की पहली फुहार बन कर,
आओ न जीवन की फुलवारी में,
तुम खुशबू- ए- गुलाब बन कर//
राजीव' ख्नेश'
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