ज्यादा जोर सजने सँवरने पर मत दे
यूँ ही तू हुस्न की मलिका है
अपने ही हालात पे मुझे यूँ छोड़ मत दे
कर न वादा खिलाफी ज़्यादा हिदायत मत दे
मेरी छोटी सी जिन्दगी को ज्यादा मलामत मत दे
हिकमतें तेरी बड़ी बड़ी होती हैं मालूम मुझे
कर न जोरो ज़ुल्म ज्यादा मुझसे अदावत मत ले
कर न दूँ फाश तेरा हर राजेपर्दा
दूसरों की यूँ मेहरबानी और मदद मत ले
करता था कभी मोहब्बत जब तू मेरी थी
बढ़ न ज्यादा मेरा इम्तहाने शराफत मत ले
आन मेरे पास दूसरों से मुजाहिद मतलब रख
ज्यादा मुझे ताकीदो हुक्म वकते मुलाकात मत दे
छोड़ जाऊँगा तुझे अकेला जब दोनों हाथ पसारे
बड़े बड़े खाली हाथ गए भरोसा ए हालात मत ले

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