Friday, May 23, 2025

आई बरसात ओढ़ कर धानी परिधान( शेर)

। दिल ने दीं सदाएँ बादल घुमड रहे थे
फिजां में मची हलचल क्यूँ हम समझ रहे थे
आई बरसात ओढ़ कर धानी परिधान
अरमान दिल के हमारे निकल रहे थे

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ROM ROM SE KARUNAMAY, ADHARO PE MRIDU HAAS LIYE, VAANI SE JISKI BAHTI NIRJHARI, SAMARPIT "RATAN" K PRAAN USEY !!!