उसने चेहरा भी अपना छुपाया था/
उसके चेहरे पर गमगीनी छलक रही थी,!
हाले- दिल मैंने मैंने उसको सुनाया था//
(२) मिला मौका तोआप से आदाब बजा लिया/
इसी बहाने हमने दुनियादारी निभ दिया/
(३ ) गमे- दिल की बात है, रहे- आम तक न पहुंचे/
तेरी मेरी बात है, सरे- दरबार तक न पहुंचे/
मेरी मुफलिसी की तुझे कानो- कान खबर न हो,
किसी हाल ये बात तेरे बाप तक तक न पहुँचे//

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