Tuesday, May 25, 2010

निजात

मुझे इस तरह से
जिन्दगी से निजात मिली
जैसे किसी को
मौत के बाद हयात मिली

हर कोई जाता है खाली हाथ
मुझे मौत के बाद कायनात मिली
जिन्दगी भर चला नंगे पाँव
खिली धुप में

मरने के बाद मुझे सुकून
की ठंडी छाँव मिली
दिन भर लोगों को
'गुरु वचन' सुनाता रहा
ठन्डे दिमाग से सोचने को
'रतन' अँधेरी रात मिली
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