Tuesday, February 24, 2009

ताज mahal

किसी ने कहा था मुझसे

ताज महल आगरा मे है

पर मेरा तो बिल्कुल

मेरी निगाह मे है

वो ईमारत है

ये पैकर है

हुस नो शबाब का

जिस का मोहब्बत से मैंने

रख दिया वही नाम

जिसको शाह जहाँ ने

banwa कर क काटे

कारीगरों के हाथ

वो शाह था जिस को

किसी ने कुछ न कहा

मैं भी ना kahunga

bhale कर दे दिल का काम tamaam

वो ताज महल नही

सिर्फ़ किसी gareeb की

mahobbat का है mazak

पर शाह मे और mujhme

faasla saalon साल का है

उसे मुबारक हिंदुस्तान

मुझे सिर्फ़ adad

सिर्फ़ एक adad

चाहिए वही ताज महल

नही kaatne किसी के बालोंपर

हर एक को aajadi मुबारक

हम तुम aajad hind के

aajad बिल्कुल aajad ibarat

वो sang है but का turbat

तुम sang दिल ही सही

पर मेरे khayalon की तो हो mallika

मुझे mumtaj से नही misbat

न शाह जहाँ से काम

न ही patthar की ईमारत से taaluk

किसी भी सूरत मुझे अपना

अपना ही ताज महल चाहिए

जो की मेरी nigahon मे है.

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