Friday, May 1, 2026

गैरों से कैसा रिश्ता ( शेर)

राहत हुई, सुकूने- दिल मिला,
हर गजल में अपना दर्द दिखा/
गैरों से भला कैसा अब रिश्ता,
अपना चाहा ही जो भटक गया

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ROM ROM SE KARUNAMAY, ADHARO PE MRIDU HAAS LIYE, VAANI SE JISKI BAHTI NIRJHARI, SAMARPIT "RATAN" K PRAAN USEY !!!