Thursday, June 5, 2025

प्यार की कुर्बानी( कविता)

जानता हूँ प्यार करने वाले चाहते हैं  कुर्बानी;
प्यार ने ही चाहा मुझसे ही अपने प्यार की कुर्बानी!

पूछा गया मुझसे; बीस साला प्यार को भूलने का रास्ता;
दोस्त ने दिया; अपनी बहन के वास्ते दोस्ती का वास्ता!

छोड़ दूँ मैं अपना शहर; दूसरे शहर कर दे बहन की शादी;
आउट आफ साइट होता आउट आफ माइंड; मैंने बताया!

भूला न उसे; कई दफा शादीब्याह; मृतक भोज में मिली;
बोला न कुछ उसे; मैंने भी दे दी नादान - वफा की कुर्बानी!
            
                राजीव रत्नेश

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