Thursday, June 5, 2025

पुर सुकून कोई लमहा( शेर९)

बदला-बदला सा है आज का मौसम;
कशिश तेरी पर दिल से मिटा न पाया;
दिल से उठ रही आह जाने कबसे;
पुरसुकून कोई लमहा जिंदगी में न आया

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ROM ROM SE KARUNAMAY, ADHARO PE MRIDU HAAS LIYE, VAANI SE JISKI BAHTI NIRJHARI, SAMARPIT "RATAN" K PRAAN USEY !!!