मेरे कमरे के आले में रखी तस्वीर की रानी तुम्हीं हो;
मुहब्बतों की भाषा इक तिकले- नादां भी खूब समझता है;
मेरी भूली हुई दास्ताँ की हिरोइन; तुम मेरी नादानी समझती हो!
" मेरी rachnaaye हैं सिर्फ अभिव्यक्ति का maadhyam , 'एक कहानी samjhe बनना फिर जीवन कश्मीर महाभारत ! "
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