Monday, June 2, 2025

अंजाम तक न पहुँचा प्यार( शेर२)

तेरा मेरा अफसाना बीस साल तक परवान चढ़ा
फिर फुस्स हो गया निकल गई जैसे गुब्बारे से हवा
शेरनी को मिला गीदड़ ' लोमड़ी को लकड़बग्घा
अंजाम तक न पहुँचा प्यार पहलवान ने खोला कच्चा चिठ्ठा

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