Saturday, February 7, 2026

बीती बातों को न दुहराओ (गजल)

बीती बातों को न दुहराओ   (गजल)
++++++++++++++++++++++

दिल मेरा अब बिल्कुल भी नहीं उदास है/
गोया तुमसे मिलन की मुझे अब आस है/

नजरों में छाईं इश्क की नौरवेज नैरंगिया,
पहले से ठीक है, दिल अब नहीं बीमार है/

मेरी तमन्ना की शक्ल है जानी-पहचानी,
तुम पर ही तो दिल को अखि्तयार है/

ले आओ मेरी जर्जर कश्ती को बीच समंदर,
पतवार तुम्हारे हैं तो मुझे इत्मीनान है/

चाँद-सितारों से नहीं रही कोई उम्मीद,
आ जाओ मुझे तो बस तुम्हारा इंतजार है/

बहलाया दिल को, नजारों में न बहला,
वह तो बस तुम्हारे लिए बेकरार है/

बीती बातों को फिर से न दुहराओ,
' रतन' आजकल खुद ही अश्कबार है//
           ---------
तेरे जीते-जी तुझसे कुछ कह न सका/
तेरी मौत पर भी बिल्कुल खामोश रहा//

               राजीव रत्नेश
       मुठ्ठीगंज, इलाहाबाद/
       +++++++++++++

No comments:

About Me

My photo
ROM ROM SE KARUNAMAY, ADHARO PE MRIDU HAAS LIYE, VAANI SE JISKI BAHTI NIRJHARI, SAMARPIT "RATAN" K PRAAN USEY !!!